Video narration
अगर ब्लैक होल दिखाई ही नहीं देता, तो हमें कैसे पता कि वह सचमुच मौजूद है? एक गेंद ऊपर फेंकिए: गुरुत्वाकर्षण उसे वापस खींच लेता है। बहुत तेज़ फेंकें, तो वह बच सकती है—निकलने के लिए पर्याप्त गति चाहिए। ब्लैक होल में गुरुत्वाकर्षण इतना प्रबल होता है कि उसके चारों ओर एक सीमा बनती है: event horizon। इसके अंदर पहुँचने के बाद प्रकाश भी बाहर नहीं निकल सकता। यह ठोस खोल नहीं, बल्कि लौटने की आख़िरी सीमा है। तो क्या हम अंदर देखकर सबूत पाते हैं? नहीं। यहीं बात पलटती है: ब्लैक होल अदृश्य है, उसका गुरुत्वाकर्षण नहीं। पास के तारे उसके चारों ओर घूमते दिखते हैं, गर्म गैस चमकती है, और गुरुत्व प्रकाश को मोड़ देता है। दो ब्लैक होल मिलें, तो gravitational waves भी दर्ज होती हैं। तो जवाब है: अंदर नहीं, उसके असर से—तारों की गति, मुड़ी रोशनी, गर्म गैस और gravitational waves।