जरा सोचिए...
आपने बैंक से ₹20 लाख का होम लोन लिया। बैंक ने कहा कि आपको अगले 20 साल तक हर महीने EMI भरनी होगी।
आपने हिसाब लगाया और सोचा कि चलो, ₹17,000 से ₹18,000 हर महीने देते रहेंगे और एक दिन अपना घर पूरी तरह अपना हो जाएगा।
लेकिन अब असली बात सुनिए।
इस लोन में आप ₹20 लाख उधार लेंगे, लेकिन अगर ब्याज दर 8.5% सालाना रहती है, तो पूरे 20 साल में बैंक को कुल मिलाकर लगभग ₹41.7 लाख चुकाने पड़ सकते हैं।
मतलब घर खरीदने के लिए लिए गए ₹20 लाख के अलावा करीब ₹21.7 लाख सिर्फ ब्याज!
अब सवाल है...
क्या कोई ऐसा तरीका है जिससे आप इसी लोन को 20 साल के बजाय 15 साल, 10 साल या उससे भी कम समय में खत्म कर सकें?
और क्या इसके लिए हर महीने हजारों रुपये की अतिरिक्त EMI देना जरूरी है?
आज की वीडियो में हम एक ऐसा सिस्टम समझेंगे जिसमें छोटी-छोटी एक्स्ट्रा पेमेंट, सैलरी बढ़ने पर सही फैसला और कुछ स्मार्ट कैलकुलेशन आपके लोन की अवधि कम करने में मदद कर सकते हैं।
वीडियो के आखिर में हम यह भी कैलकुलेट करेंगे कि ₹20 लाख के लोन को सिर्फ 5 साल में खत्म करने के लिए वास्तव में हर महीने कितनी रकम चाहिए।
क्योंकि यहां एक ऐसा गणित है, जिसे समझे बिना आप सालों तक EMI भरते रह सकते हैं।
राहुल की कहानी: घर अपना, लेकिन EMI अभी बाकी
चलिए, राहुल की कहानी से शुरू करते हैं।
राहुल की महीने की सैलरी ₹60,000 है। उसने अपने परिवार के लिए एक घर खरीदा और ₹20 लाख का होम लोन ले लिया।
लोन की अवधि 20 साल है और ब्याज दर 8.5% सालाना मान लेते हैं।
इस हिसाब से उसकी मासिक EMI लगभग ₹17,356 होगी।
अब राहुल की सैलरी में से हर महीने EMI कटती है, घर का खर्च निकलता है, बच्चों की फीस जाती है, राशन आता है और बाकी जरूरतें पूरी होती हैं।
महीने के आखिर में जो पैसा बचता है, उसमें से कभी कोई मेडिकल खर्च निकल आता है, कभी कोई पारिवारिक जिम्मेदारी सामने आ जाती है।
धीरे-धीरे राहुल इस बात को स्वीकार कर लेता है कि EMI तो अगले 20 साल तक चलनी ही है।
लेकिन एक दिन वह अपने होम लोन का कैलकुलेशन देखता है।
उसे पता चलता है कि अगर वह तय समय तक नियमित EMI भरता रहा, तो कुल भुगतान करीब ₹41.7 लाख हो सकता है।
वह सोचता है, "मैंने ₹20 लाख का घर खरीदने के लिए लोन लिया था, लेकिन ब्याज के रूप में लगभग उतनी ही रकम और क्यों दे रहा हूं?"
यहीं से राहुल का नजरिया बदलता है।
वह यह नहीं सोचता कि किसी तरह ₹20 लाख एक साथ जमा करके लोन खत्म करना है।
वह सोचता है कि अपनी मौजूदा इनकम और भविष्य की बढ़ती सैलरी के हिसाब से लोन को थोड़ा-थोड़ा जल्दी कैसे खत्म किया जाए।
और यही इस पूरी रणनीति का पहला सबक है।
लोन जल्दी खत्म करने के लिए हमेशा बहुत बड़ा पैसा जरूरी नहीं होता, लेकिन सही कैलकुलेशन, नियमितता और अपनी क्षमता के हिसाब से अतिरिक्त भुगतान जरूरी होता है।