Video narration
क्या आपको लगता है कि सोते ही दिमाग बंद हो जाता है? असल में, रात को दिमाग शिफ्ट पर रहता है। दिनभर की बातें और अनुभव वह छाँटता है—जो ज़रूरी हों, उन्हें याददाश्त में मज़बूत करता है, और जो कम काम के हों, उन्हें धीरे-धीरे कमजोर होने देता है। फिर आता है डीप स्लीप: शरीर को गहरी राहत मिलती है, और दिमाग अंदर ही अंदर अपनी व्यवस्था ठीक करता है—जैसे फाइलें व्यवस्थित करना। उसके बाद REM स्लीप में दिमाग और भी ज़्यादा एक्टिव हो जाता है; यहीं सपने सबसे vivid होते हैं। और पूरे समय, दिमाग सांस, दिल की धड़कन, और बाकी ज़रूरी कामों पर नज़र रखता है। इसलिए नींद में आपका शरीर आराम करता है, लेकिन दिमाग पूरी रात समझदारी से काम करता रहता है।